वसंत पंचमी एक हिन्दू त्यौहार !!
दोस्तों क्या आप जानते है भारत में बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है! यह पर्व पूर्वी भारत में बड़े हर्षोउल्लास से मनाया जाता है, इस दिन पीले वस्त्र की बहुत मान्यता है, बच्चे और स्त्रिया पीले वस्त्र पहनकर पूजा अर्चना करती है!! यो तो पुरे साल में छः मौसम होते है, परन्तु यह पर्व वसंत ऋतू के आगमन पर मनाया जाता है! वसंत ऋतु लोगो का मनचाहा मौसम है क्योकि इस मौसम में फूलो में बहार आ जाती है, खेतो में फसल लहराने लगती है, सुन्दर सुन्दर पक्षियों से आसमान और मौसम गुलज़ारमान हो जाता है, तितलियाँ फूलो पे मडराने लगती है इस प्रकार पुरे वातावरण में एक सुखद और सकारात्मक प्रवति उत्पन्न हो जाती है और तब यह वसंत पंचमी का त्यौहार आ जाता है ! इसे ऋषि पंचमी भी खा जाता है!!
वसंत पंचमी की प्राचीन कथा!!
पुराणों के अनुसार सृष्टि की प्रारम्भिक काल में जब भगवान विष्णु के कहने पर ब्रह्माजी सृष्टि में मनुष्य की रचना कर रहे थे, तो वे अपनी इस रचना से संतुष्ट नहीं थे तब उन्होंने भगवान विष्णु से आज्ञा लेकर अपने कमंडल से पृथ्वी पर जल छिड़का जिसके बाद पृथ्वी पर एक सुन्दर चतुर्भुजी रूप में एक स्त्री प्रकट हुई, जिनके एक हाथ में वीणा और दूसरे में वर मुद्रा थी तथा अन्य हाथो में पुस्तक थी! खा जाता है जब उन्होंने अपनी वीणा से मधुर स्वर उन्पन्न किये तभी संसार के सभी जिव जन्तुओ को वाणी प्राप्त हुई तभी ब्रह्मा जी ने उस देवी को वाणी की देवी सरस्वती कहा!
अतः वसंत पंचमी को माँ सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है और यही कारन है इस दिन हिन्दू धर्म ग्रथों के अनुसार इस दिन विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है!!

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