बुधवार, 29 जनवरी 2020

शिवरात्रि का व्रत या त्रियोदशी (प्रदोष) का व्रत क्या होता है !

शिवरात्रि का व्रत या त्रियोदशी (प्रदोष) का व्रत क्या होता है !


दोस्तों आज हम आपको शिवरात्रि के व्रत या प्रदोष ( त्रियोदशी ) व्रत के बारे में बताएंगे की इस व्रत को कब से सुरु करे तथा इन व्रतों को रखने का क्या फल मिलता है! दोस्तों जैसा की हम सभी जानते है की भगवान् भोलेनाथ के कृपा प्राप्ति के लिए हम महाशिवरात्रि का व्रत रखते है या श्रावण मास में शिव अर्चना करते है और कई लोग नियमित प्रदोष का व्रत करते है इसे भी महा फलदायी बताया गया है ! व्रत रखने के क्या नियम है, कब से व्रत को सुरु करना है तथा कितने व्रत रखने है क्या खाना है आज में आपको इन सभी के बारे में बताऊंगा !!

नमस्ते दोस्तों ॐ नमः सिवाय का जाप हमेशा करते रहिये दोस्तों मंत्रो का जप करना अत्यंत लाभकारी होता है
दोस्तों हम सभी भगवान शिवजी की कृपा प्राप्ति के लिए अपने अपने परिवार और समाज की रिद्धि सिद्धि तथा कल्याण के लिए तथा भगवान भोलेनाथ को प्राप्त करने के लिए कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष दोनों पक्षों के त्रियोदशी के व्रतों को करना चाहिए इसे प्रदोष या त्रियोदशी व्रत इसलिए कहते है क्योकि इस व्रत को शाम के समय किया जाता है इस समय को भगवान शिव का प्रिय कल मन जाता है सास्त्रो में कहा गया है की समय भोलेनाथ अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में माता पार्वती सहित विराजमान  रहते है,उस समय उसने जो भी मनोकामना की जाती है वे उसे पूर्ण कर देते है !!

जनमानस को त्रियोदशी की पूजा करने से भगवान भोलेनाथ के चरण कमलो का आशीर्वाद प्राप्त होता है तथा धन धान्यव् वैभव की प्राप्ति होती है तथा उनमे सदैव वर्द्धि होते रहती है लोगो द्वारा अपने जीवन में तरक्की करने के आपको उपाय किये जाते है और उन्ही उपायों में से एक है प्रदोष व्रत !

संतान प्राप्ति के लिए प्रदोष व्रत :- 

संतान प्राप्ति के लिए जो लोग प्रदोष व्रत रखते है उन्हें यह जानना जरुरी है की व्रत को नियमित रूप से किया जाए चाहे कृष्णपक्ष हो या शुक्लपक्ष और यह संकल्प आपको व्रत लेते समय करना होगा लोगो में यह असमंजस्य होता है की सोम  प्रदोष है तो सोमवार को जब प्रदोष आए तब ही यह व्रत किया जाए दोस्तों ऐसा करने से आपको फल की प्राप्ति नहीं होगी
जिन्हे संतान नहीं है उन्हें शुक्लपक्ष के शनिवार पे जब भी प्रदोष व्रत आए तब से इस व्रत को सुरु करना है तब से लेकर आप इस व्रत को नियमित एक वर्ष तक करिये और उसके बाद व्रत का उद्यापन कीजिये और भोलेनाथ ने चाहा तो आपको निश्चित ही संतान रत्न कीप्राप्ति होगी !

ऋण मोचन के लिए प्रदोष व्रत :- 

दोस्तों अधिकतर  लोग अपने  जीवन में आर्थिक तंगी से परेशान रहते है और वे अपनी आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए अनेको उपाय भी करते है तो उन लोगो को जब भी मंगलवार के दिन त्रियोदशी की तिथि आए तब से इस व्रत को आरम्भ करना चाहिए और १ वर्ष तक नियमित रूप से स्वच्छ मन से भगवान् भोलेनाथ की आराधना करनी चाहिए! दोस्तों मेरा यह मानना है जब भी हम नियमित रूप से अपने आराध्य को चाहे जिस रूप में पूजे अगर हमारी भावना और हमारा समर्पण सुद्ध है तो हमे उसका फल जरूर मिलेगा !!

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