भारत एक तपोभूमि !!
दोस्तों सदियों से हम ये सुनते आ रहे है की भारत दुंनिया का सबसे प्राचीन देश है जो अस्तित्व में आया था, और इसका साक्ष्य हमे त्रेतायुग में भगवान राम से लेकर द्वापर युग में भगवान् श्रीकृष्ण तक मिलते है!!
और न जाने सदियों से इस पावन भूमि में अनेकोनेक महापुरुषों से जन्म लिया जिनका उदेश्य न केवल संसार को ज्ञान बाटना था बल्कि इस समस्त विश्व का कल्याण करना भी था!
हमारे शास्त्रो में लिखा भी है "वसुधेव कुटुंबकम" अर्थात शास्त्रो के अनुसार भारत ने सदियों से ही सम्पूर्ण विश्व को एक कुटुंब माना है,आज हम देखते है भारत की संस्कृति, लोक पर्व, त्यौहार सभी का अपना कुछ न कुछ महत्त्व होता है! मेरा यह मानना है और यही कारण है की प्राचीन समय से ही ऋषि मुनियो और महापुरुषों को यह तपोभूमि अपने तप और ज्ञान के विस्तार के लिए सर्वप्रिय रही होगी!!
भारत की भूमि का महत्त्व:-
भारत एकमात्र ऐसी भूमि है जहां पवित्र नदियों को माँ का दर्जा दिया जाता है! गाय को गोमाता कहकर पुकारा जाता है! जहां पर समस्त जातीया अपने मजहब से ऊपर उठकर रहती हो, अनेको महापुरुषों ने जिस भूमि में जन्म लेकर उसे पवित्र किया हो , ऐसी महान भूमि पर जिसने जन्म लिया हो उसका जीवन ही धन्य हो जाता है !!!

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