भारत में NRC क्या है और इसके क्या उद्देश्य है!!
नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे NRC के बारे में ,NRC काअर्थ होता है नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजन, आखिर NRC क्या है और क्यों इसकी आवश्य्कता भारत के लिए जरुरी है! तो आइये दोस्तों आज नजर डालते है उस मुद्दे पर जो पुरे भारत में गरमाया हुआ है और जिसकी चर्चा आजकल आमतौर पर हर जगह देखने को मिल रही है !!
नोट :- यह फोटो गूगल से ली गयी है
क्या है NRC ( नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजन )
NRC का उद्देश्य देश के किसी भी राज्य में अवैध रूप से रह रहे लोगो की पहचान करना है क्योकि भारत में बांग्लादेश से लाखो लोगो के अवैध रूप से घुसपैठ का दवा किया जाता है! NRC यानि नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजन की पहली लिस्ट ३१ दिसंबर २०१७ को जारी की गयी थी!
इस लिस्ट के अंदर २५ मार्च १९७१ से पहले आये लोगो को नागरिकता की मान्यता देना का प्रावधान है और २५ मार्च १९७१ के बाद आये लोगो को अवैध रूप से रह रहे लोगो के रूप में चिन्हित करने का प्रावधान है ! इस एक्ट के अंदर आयी पहली लिस्ट में असम राज्य की ३.२९ करोड़ आबादी में से १.९० करोड़ लोगो को शामिल किया गया था लेकिन दूसरी लिस्ट में १.४० लोगो ने अपने नाम की उम्मीद की है !! और यही कारन था की असम के लोगो द्वारा अनेको विरोध किये जाने लगे और साथ ही सरकार को भी यह महसूस हुआ की यदि अवैध रूप से घुसपैठ यु ही बढ़ता गया तो असम राज्य के साथ साथ देश की जनसँख्या में तीव्र गति से वर्द्धि होगी जो किसी भी स्थिति में देश के लिए अच्छा नहीं होगा और इसी लिए NRC का एलान किया गया!!
NRC लाने के पीछे क्या इतिहास है :-
दोस्तों देश में ऐसा पहला मौका नहीं है जब NRC एक्ट लाया जा रहा हो इससे पहले भी १९५१ में असम में NRC लायी गयी थी तो मुद्दा यह है की इस बार यह मुद्दा इतना क्यों गरमा रहा है! दोस्तों जब देश आजाद हुआ तो इसके दो हिस्से हुए एक भारत और दूसरा पाकिस्तान और पाकिस्तान के भी दो हिस्से हुए एक पूर्वी पाकिस्तान और दूसरा पश्चिमी पाकिस्तान उस समय पाकिस्तान के दोनों सीमाओं के अंदर हर धर्म के वयक्तियो का आवागमन भारत द्वारा ही होता था !!
मुश्किल तब हुई जब असम राज्य की जनसंख्या दर अन्य राज्यों के मुकाबले कई ज्यादा होने लगी उस समय के आकड़ो के मुताबित असम राज्य की जनसंख्या दर ३६ % थी जबकि अन्य राज्यों की २५ % थी ! तो सवाल यह उठता था की असम राज्य की जनसंख्या इतनी ज्यादा कैसे बढ़ रही है!!
दरसल बात यह थी की धीरे धीरे हमारे पडोसी देश पश्चिमी पाकिस्तान जो की आज बांग्लादेश है से लोग असम में आ रहे थे ऐसा होने से असम राज्य के लोगो के साथ साथ सरकार को भी चिंता होने लगी और यही कारण रहा की
१९७१ में भारत ने पश्चिमी पाकिस्तान को एक अलग देश में विभाजित किया जो वर्तमान में बांग्लादेश है!
परन्तु उस समय बांग्लादेश से लोग डरकर असम राज्य में और भी ज्यादा मात्रा में आ गए जिस कारण असम के लोगो का विरोध और ज्यादा होने लगा, असम के लोगो का कहना था की आने वाले समय में वे कहि अपने ही राज्य में अल्पसंख़्यकन बन जाए ! और जब राष्ट्रीय जनगड़ना हुए तो असं राज्य की जनसंख्या में बहुत इजाफा हो गया था और यही कारण था की सरकार को NRC एक्ट को लागु करना पड़ा!!
NRC कानून के अंदर क्या महत्वपूर्ण दस्तावेज होते है:-
(१):- NRC एक नागरिक दस्तावेज है, जिसमे नागरिको के बारे में जानकारी प्राप्त होती है!
(२) :- NRC दस्तावेज से पता चलता है की कौन भारतीय नागरिक है और कौन अवैध ( विदेशी )!
(३):-NRC रिपोर्ट के अंदर जिनका नाम होता है वे भारतीय तथा जिनका नाम नहीं होता वे अवैध रूप से रहने वाले नागरिक माने जाएंगे !
(४):-NRC रिपोर्ट के अंदर निर्धारित अवैध नागरिको को उनके देश में भेजने का प्रावधान है !

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